12वीं के बाद कला एवं मानविकी (Arts & Humanities) में अध्ययन के उपक्षेत्र
विषय एवं उप-क्षेत्र
कला एवं मानविकी मानव समाज, विचार, संस्कृति और अभिव्यक्ति से जुड़ा अध्ययन क्षेत्र है। इसके प्रमुख विषय और उपक्षेत्र इस प्रकार हैं:
- इतिहास (History)
- दर्शनशास्त्र (Philosophy)
- साहित्य – हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू आदि (Literature)
- पुरातत्व विज्ञान (Archaeology)
- मानवविज्ञान (Anthropology)
- धर्म और संस्कृति अध्ययन (Religious & Cultural Studies)
- ललित कला – चित्रकला, मूर्तिकला (Fine Arts)
- संगीत, नृत्य, रंगमंच (Performing Arts)
- भाषा विज्ञान (Linguistics)
- नारी अध्ययन (Gender Studies)
- सिनेमा एवं फिल्म अध्ययन (Film & Media Studies)
- भारतीय शास्त्र (Indology)
कोर्स संरचना एवं डिग्रियाँ
1. स्नातक स्तर (Undergraduate)
| कोर्स | अवधि | डिग्रियाँ |
|---|---|---|
| BA (Bachelor of Arts) | 3 वर्ष | History, Philosophy, Literature, Fine Arts, Performing Arts |
| BFA (Fine Arts) | 4 वर्ष | Painting, Sculpture, Applied Arts |
| BPA (Performing Arts) | 3–4 वर्ष | Music, Dance, Theatre |
| BA Hons | 3 वर्ष | किसी एक विषय में गहन अध्ययन |
2. परास्नातक स्तर (Postgraduate)
| कोर्स | अवधि | डिग्रियाँ |
|---|---|---|
| MA (Master of Arts) | 2 वर्ष | History, Philosophy, Literature, Gender Studies |
| MFA | 2 वर्ष | Applied/Visual Arts |
| MPA | 2 वर्ष | Classical Music, Drama, Dance |
| PG Diploma | 1 वर्ष | Translation, Heritage Studies आदि |
3. शोध स्तर (PhD / Postdoc)
| स्तर | अवधि | विवरण |
|---|---|---|
| PhD | 3–6 वर्ष | थीसिस आधारित गहन शोध |
| Post-Doc | 1–3 वर्ष | स्वतंत्र रिसर्च व प्रकाशन |
प्रमुख संस्थान
- Jawaharlal Nehru University (JNU), नई दिल्ली
- Delhi University, दिल्ली
- Banaras Hindu University (BHU), वाराणसी
- Visva-Bharati University, शांतिनिकेतन
- MS University, बड़ौदा
- FTII, पुणे (Film Studies)
- Kalakshetra Foundation, चेन्नई (Performing Arts)
करियर विकल्प
- शिक्षण / अकादमिक (Lecturer / Professor)
- UPSC / सिविल सेवा
- लेखन, अनुवाद, पत्रकारिता
- म्यूज़ियम/गैलरी क्यूरेटर
- थिएटर आर्टिस्ट / परफ़ॉर्मर
- NGO / रिसर्च संस्थान
- कंटेंट राइटिंग / मीडिया
- हेरिटेज व टूरिज्म क्षेत्र
यह स्ट्रीम क्यों चुनें?
- क्रिएटिव फ्रीडम: विचार और अभिव्यक्ति की आज़ादी
- समाज की गहराई से समझ: संस्कृति, मानव व्यवहार का अध्ययन
- सिविल सेवा और मीडिया में उच्च उपयोगिता