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आर्थिक वितरण प्रणालियां

आर्थिक वितरण प्रणालियाँ संसाधनों को आवंटित करने और समाज में आय का वितरण करने की विधियाँ हैं। वितरण प्रणालियों के आधार पर अर्थव्यवस्थाओं को बाजार, गैर बाजार, मिश्रित अर्थव्यवस्था कहा जाता है।

वितरण प्रणालियों का विचार सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास की अवधारणा से संबंधित है जिन्हें आगे विस्तार से पढ़ेंगे। इस टॉपिक से upsc परीक्षाओं में अक्सर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रश्न पूछे जाते हैं।

अतिमहत्वपूर्ण ↓↓↓


विभिन्न प्रकार की अर्थव्यवस्थाएं एवं वितरण प्रणालियां :

बाजार अर्थव्यवस्था/ बाजार वितरण प्रणाली:

गैर बाजार अर्थव्यवस्था/ गैर बाजार वितरण प्रणाली :

मिश्रित अर्थव्यवस्था/ मिश्रित वितरण प्रणाली :

अन्य ↓↓↓


आर्थिक प्रणालियां, सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास में अंतर्संबंध:

आर्थिक प्रणालियाँ किसी देश में संसाधनों के उत्पादन, वितरण और उपभोग के तरीके को तय करती हैं। वहीं, सामाजिक न्याय का मतलब है समाज के सभी वर्गों को बराबरी का अवसर, सम्मान और अधिकार मिलना।

अगर आर्थिक प्रणाली ऐसी हो जो संपत्ति और संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित करती है (जैसे – सब्सिडी, जन वितरण प्रणाली, न्यूनतम वेतन), तो यह सामाजिक न्याय को बढ़ावा देती है।

इस न्यायपूर्ण वितरण से ही समावेशी विकास संभव होता है — यानी ऐसा विकास जिसमें समाज का हर वर्ग आर्थिक प्रगति में भागीदार बनता है।

न्यायसंगत आर्थिक प्रणाली → सामाजिक न्याय सुनिश्चित → समावेशी विकास को संभव बनाती है। तीनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

एक संतुलित, समावेशी और न्यायोचित आर्थिक प्रणाली सामाजिक न्याय की नींव है, क्योंकि यही तय करती है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक संसाधनों और अवसरों तक समान पहुँच मिले या नहीं।

मिश्रित अर्थव्यवस्था भारत

भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप एवं वितरण प्रणाली क्रमबद्ध रूप से विकसित हुए हैं भारत में आर्थिक वितरण प्रणालियों की ऐतिहासिक प्रगति को पढ़ोगे तो पाओगे कि भारत ने आजादी के तुरंत बाद अर्थव्यवस्था के अधिकतर क्षेत्रों पर सरकारी नियंत्रण रखा, फिर 80 के दशक में मिश्रित अधिक थी और 90 के दशक में उदारीकरण, निजीकरण एवं वैश्वीकरण सुधारों के चलते इसका रुख बाजार अर्थव्यवस्था की ओर अधिक झुका है लेकिन अब भी यह एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है।

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS)

भारत में वितरण प्रणाली में सरकारी हस्तक्षेप के अन्य उदाहरण:

आर्थिक प्रणाली व वितरण प्रणाली में अंतर:

पक्ष आर्थिक प्रणाली (Economic System) वितरण प्रणाली (Distribution System)
परिभाषा किसी देश की उत्पादन, उपभोग और संसाधनों के आवंटन की समग्र व्यवस्था उत्पादित संसाधनों, वस्तुओं और आय को समाज में बाँटने की व्यवस्था
फोकस संपूर्ण अर्थव्यवस्था को चलाने का ढांचा वस्तुओं और सेवाओं के वितरण का तरीका
मुख्य प्रकार पूंजीवादी, समाजवादी, मिश्रित बाजार आधारित, राज्य आधारित, मिश्रित वितरण
केंद्रबिंदु उत्पादन के तरीके, संसाधनों का स्वामित्व, निर्णय लेने की प्रक्रिया "कौन, क्या, कितना और कैसे प्राप्त करेगा" पर ध्यान
उदाहरण भारत की मिश्रित अर्थव्यवस्था भारत की PDS, DBT, MSP आधारित वितरण प्रणाली
संबंध वितरण प्रणाली, आर्थिक प्रणाली का एक भाग होती है यह आर्थिक प्रणाली के तहत संचालित होती है

पिछली परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न :

प्रीलिम्स में पूछे गए प्रश्न:

प्रश्न 2018:यदि सरकार द्वारा कोई वस्तु जनता को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, तो

प्रश्न 2018राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अधीन बनाए गए उपबन्धों के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

  1. केवल वे ही परिवार सहायता प्राप्त खाद्यान्न लेने की पात्रता रखते हैं, जो 'गरीबी रेखा' से नीचे (Below Poverty Line, BPL) श्रेणी में आते हैं।
  2. परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सबसे अधिक उम्र वाली महिला ही राशन कार्ड निर्गत किए जाने के प्रयोजन से परिवार की मुखिया होगी।
  3. गर्भवती महिलाएँ एवं दुग्ध पिलाने वाली माताएँ गर्भावस्था के दौरान और उसके छः महीने बाद तक प्रतिदिन 1600 कैलोरी वाला राशन घर ले जाने की हकदार हैं।
  4. उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/है?
    • (a) 1 और 2
    • (b) केवल 2✓
    • (c) 1 और 3
    • (d) केवल 3

प्रश्न 2018: निम्नलिखित में से कौन-सा/से भारत में वर्ष 1991 में आर्थिक नीतियों के उदारीकरण के बाद घटित हुआ/हुए है/हैं?

  1. जीडीपी में कृषि का अंश बृहत् रूप से बढ़ गया।
  2. विश्व व्यापार में भारत के निर्यात का अंश बढ़ गया।
  3. एफडीआई का अन्तर्वाह (इनफ्लो) बढ़ गया।
  4. भारत का विदेशी विनिमय भण्डार बृहत् रूप से बढ़ गया।
  5. नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
    • (a) 1 और 4
    • (b) 2, 3 और 4
    • (c) 2 और 3
    • (d) ये सभी

UPSC मैंस में पूछे गए प्रश्न :

2019: "सरकार द्वारा खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदम क्या हैं?"

2021: "राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? खाद्य सुरक्षा विधेयक ने भारत में भूख और कुपोषण को समाप्त करने में कैसे मदद की है?"

2022: "भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं? इसे प्रभावी और पारदर्शी कैसे बनाया जा सकता है?"

जानकारी के स्रोत