UPSC Cse में वैकल्पिक विषय का चयन कैसे करें?
UPSC Cse में वैकल्पिक विषय क्या होता है:-
आप जानते ही होंगे कि UPSC सिविल सेवा परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास करने के बाद मुख्य लिखित परीक्षा (Main Written Examination) देनी होती है। मुख्य परीक्षा कुल 9 पेपरों की होती है—
- निबंध – 1 पेपर (250 अंक)
- सामान्य अध्ययन – 4 पेपर (कुल 1000 अंक)
- भाषा पेपर – 2 पेपर (केवल क्वालिफाइंग, अंक नहीं जुड़ते)
- वैकल्पिक विषय – 2 पेपर (कुल 500 अंक)
UPSC मैंस में आपके चुने हुए विषय के 2 पेपर आते हैं। इसे वैकल्पिक विषय बोलते हैं क्योंकि आपके पास अपना मनपसंद विषय चुनने की छूट होती है।
जब आप सिविल सेवा परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरते हैं, तब ही आपको UPSC द्वारा अधिसूचना (Notification) में दिए गए विषयों की सूची में से एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है। इसी एक विषय से आपको दो प्रश्नपत्र (Paper-I और Paper-II) देने होते हैं। हर वैकल्पिक विषय का पूरा सिलेबस UPSC नोटिफिकेशन में पहले से निर्धारित रहता है।
वैकल्पिक विषयों की सूची एवं सिलेबस: (↓)
- कृषि विज्ञान (Agricultural science)
- पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान
- नृविज्ञान
- वनस्पति विज्ञान
- रसायन विज्ञान
- सिविल इंजीनियर
- वाणिज्य शास्त्र तथा लेखा विधि
- अर्थशास्त्र
- विद्युत इंजीनियर
- भूगोल
- भू - विज्ञान
- इतिहास
- विधि
- प्रबंधन
- गणित
- यांत्रिक इंजीनिय
- चिकित्सा विज्ञान
- दर्शन शास्त्र
- भौतिकी
- राजनीति विज्ञान तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- मनोविज्ञान
- लोक प्रशासन
- समाज शास्त्र
- संख्यकी
- प्राणी विज्ञान
-
कोई भारतीय भाषा साहित्य
- असमिया
- बंगाली
- बोड़ो
- डोगरी
- गुजराती
- हिंदी
- कन्नड़
- कश्मीरी
- कोंकणी
- मैथिली
- मलयालम
- मणिपुरी
- मराठी
- नेपाली
- उड़िया
- पंजाबी
- संस्कृत
- संथाली
- सिंधी
- तमिल
- तेलुगू
- उर्दू
- अंग्रेजी
यहां साफ समझ लेना जरूरी है कि आपकी रैंक तय करने में वैकल्पिक विषय की भूमिका बहुत निर्णायक होती है, क्योंकि अकेले यही विषय कुल 500 अंकों का होता है।
वैकल्पिक विषय का चयन कैसे करें:
यदि मैं आपसे पूछूं कि आपको कौनसा विषय चुनना है, तो आपका क्या जवाब होगा? फायदे या नुकसान देखे बिना कौनसे विषय में आपकी रुचि है? कौनसा विषय है जो आपको जीवन भर काम आएगा भले परीक्षा पास हो या नहीं। मुझे पूरा यकीन है आपके दिमाग में एक से अधिक विषय घूम रहे होंगे।
जब आप अपनी रुचि के विषयों को छांट लो, तो उन्हें अलग अलग कसौटियों पर मार्क्स देना शुरू कीजिए।
UPSC Cse वैकल्पिक विषय चुनने की महत्वपूर्ण कसौटियां:
- विषय आपकी रुचि में कौनसी रैंक पर है।
- उस विषय में आपका बैकग्राउंड कैसा है।
- अन्य विषयों की तुलना में सिलेबस कितना बड़ा है।
- कितना ओवरलैपिंग है, मतलब कौनसे विषय से अधिकतम प्रश्नपत्रों में अधिकतम अंकों के सवाल आते हैं।
- कितना स्कोरिंग है, मतलब पिछले कुछ वर्षों में सफल अभ्यर्थियों ने उस वैकल्पिक विषय में औसतन कितने अंक प्राप्त किए।
- पाठन सामग्री (Study material) कितनी आसानी से उपलब्ध है।
- अगर आप UPSC में सफल नहीं हो पाते तो वह विषय आपके जीवन में कहां काम आएगा।
- क्या आपके विषय में टॉपर्स नोट्स, आंसर कॉपीज, गाइडेंस इत्यादि उपलब्ध है?
- विषय कवर करना कितना जटिल है। कितने प्रतिशत सिलेबस समसामयिक से जुड़ा है। क्या चीजें रटनी पड़ेगी या समझ पर्याप्त है। आपके पास रट्टा मारने व रिवाइज करने का समय सीमित है।
अपने पसंदीदा विषयों को उपरोक्त कसौटियों पर आंकने के बाद आप किसी एक विषय का चयन कर सकते हैं। किंतु यदि अब भी आपको चयन में समस्या आ रही है तो कागज पर लिखिए कि समस्या क्यों आ रही है, इसका क्या उपाय हो सकता है। या आप अपनी समस्या हमें भी Email कर सकते हैं।
लेकिन अपना वैकल्पिक विषय चुनने से पहले ऑफिशियल सिलेबस को जरूर देखें, स्टडी मटेरियल को जरूर देखें, कि आपको कितना-क्या पढ़ना पड़ेगा।
विभिन्न वैकल्पिक विषयों में सफलता के क्या आंकड़े हैं:
Political Science & IR, Sociology, Anthropology, Geography, से सर्वाधिक संख्या में उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में बैठते हैं और लगभग 8% से अधिक सफलता दर भी रही है।
यदि सफलता दर के अनुसार देखें तो Agriculture, Economics, Medical Science, Commerce & Accountancy और कुछ दक्षिण के साहित्य विषयों में सर्वाधिक सफलता दर रही है लगभग 10 से 15% की सफलता दर रहती है। कभी कभी तो इससे भी ज्यादा लेकिन स्टडी मटेरियल, गाइडेंस का अभाव रहता है।
यदि आप हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी है और हिंदी साहित्य में सफलता दर देखना चाहते हैं तो मत देखो, झटका लगेगा 🙂।
UPSC CSE में वैकल्पिक विषयों की सफलता के आंकड़े (2022–23 रिपोर्ट)
नीचे दिए गए आंकड़े UPSC की 73वीं वार्षिक रिपोर्ट (2022–23) पर आधारित हैं, जिसमें CSE Main 2021 के वैकल्पिक विषयों के Appeared और Recommended उम्मीदवारों का विवरण दिया गया है। स्क्रॉल करते हुए देखें;
| वैकल्पिक विषय | Appeared (उम्मीदवार) | Recommended (चयनित) | Success Rate (%) |
|---|---|---|---|
| Political Science & IR | 1571 | 140 | 8.9% |
| Sociology | 1087 | 92 | 8.5% |
| Anthropology | 1159 | 90 | 7.8% |
| Geography | 1079 | 66 | 6.1% |
| Economics | 190 | 25 | 13.2% |
| Commerce & Accountancy | 140 | 21 | 15.0% |
| Medical Science | 196 | 24 | 12.2% |
| Mathematics | 513 | 50 | 9.7% |
| Law | 180 | 21 | 11.7% |
| Psychology | 127 | 15 | 11.8% |
| Public Administration | 361 | 31 | 8.6% |
| Philosophy | 265 | 20 | 7.5% |
| Agriculture | 115 | 12 | 10.4% |
| Mechanical Engineering | 160 | 11 | 6.9% |
| Electrical Engineering | 117 | 7 | 6.0% |
| History | 574 | 25 | 4.4% |
| Zoology | 56 | 4 | 7.1% |
| Botany | 32 | 3 | 9.4% |
| Geology | 29 | 1 | 3.4% |
| Statistics | 3 | 0 | 0.0% |
UPSC CSE 2021–22: वैकल्पिक विषयों में सफलता के आधिकारिक आंकड़े देखें
| वैकल्पिक विषय (Optional Subject) | Appeared (उम्मीदवार) | Recommended (अनुशंसित) | Success Rate (%) |
|---|---|---|---|
| Political Science & International Relations | 1863 | 154 | 8.3% |
| Geography | 1322 | 95 | 7.2% |
| Sociology | 1245 | 115 | 9.2% |
| Anthropology | 1211 | 100 | 8.3% |
| History | 581 | 24 | 4.1% |
| Mathematics | 580 | 26 | 4.5% |
| Public Administration | 509 | 38 | 7.5% |
| Economics | 236 | 31 | 13.1% |
| Commerce & Accountancy | 210 | 27 | 12.9% |
| Mechanical Engineering | 201 | 22 | 10.9% |
| Electrical Engineering | 170 | 15 | 8.8% |
| Chemistry | 153 | 15 | 9.8% |
| Public Administration | 509 | 38 | 7.5% |
| Medical Science | 162 | 16 | 9.9% |
| Civil Engineering | 130 | 9 | 6.9% |
| Physics | 130 | 8 | 6.2% |
| Psychology | 155 | 11 | 7.1% |
| Philosophy | 347 | 20 | 5.8% |
| Agriculture | 111 | 3 | 2.7% |
| Geology | 35 | 2 | 5.7% |
| Botany | 27 | 2 | 7.4% |
| Animal Husbandry & Veterinary Science | 10 | 1 | 10.0% |
| Statistics | 5 | 0 | 0.0% |
| Literature of English Language | 27 | 6 | 22.2% |
| Literature of Hindi Language | 226 | 19 | 8.4% |
| Literature of Kannada Language | 83 | 7 | 8.4% |
| Literature of Malayalam Language | 93 | 10 | 10.8% |
| Literature of Maithili Language | 31 | 3 | 9.7% |
| Literature of Marathi Language | 9 | 1 | 11.1% |
| Literature of Punjabi Language | 25 | 3 | 12.0% |
| Literature of Tamil Language | 64 | 4 | 6.3% |
| Literature of Telugu Language | 36 | 5 | 13.9% |
| Literature of Urdu Language | 11 | 1 | 9.1% |
| Literature of Gujarati Language | 49 | 4 | 8.2% |
| Literature of Sanskrit Language | 39 | 1 | 2.6% |
| Literature of Assamese Language | 2 | 0 | 0.0% |
| Literature of Bengali Language | 2 | 0 | 0.0% |
| Literature of Sindhi (Devanagari) | 1 | 0 | 0.0% |
UPSC CSE 2020–21: वैकल्पिक विषयों में सफलता के आधिकारिक आंकड़े देखें
नीचे दी गई तालिका UPSC की Annual Report 2020–21 पर आधारित है, जिसमें CSE Main 2019 के वैकल्पिक विषयों के Appeared, Recommended एवं Success Rate दिए गए हैं।
| वैकल्पिक विषय | Appeared (उम्मीदवार) |
Recommended (चयनित) |
Success Rate (%) |
|---|---|---|---|
| Agriculture | 124 | 13 | 10.5 |
| Animal Husbandry & Veterinary Science | 16 | 3 | 18.8 |
| Anthropology | 1189 | 108 | 9.1 |
| Botany | 28 | 2 | 7.1 |
| Chemistry | 156 | 13 | 8.3 |
| Civil Engineering | 146 | 15 | 10.3 |
| Commerce & Accountancy | 183 | 20 | 10.9 |
| Economics | 243 | 26 | 10.7 |
| Electrical Engineering | 200 | 16 | 8.0 |
| Geography | 1916 | 105 | 5.5 |
| Geology | 30 | 0 | 0.0 |
| History | 751 | 51 | 6.8 |
| Law | 186 | 19 | 10.2 |
| Management | 54 | 6 | 11.1 |
| Mathematics | 539 | 45 | 8.3 |
| Mechanical Engineering | 213 | 12 | 5.6 |
| Medical Science | 247 | 26 | 10.5 |
| Philosophy | 439 | 27 | 6.2 |
| Physics | 165 | 12 | 7.3 |
| Political Science & IR | 1662 | 137 | 8.2 |
| Psychology | 164 | 15 | 9.1 |
| Public Administration | 705 | 58 | 8.2 |
| Sociology | 1263 | 126 | 10.0 |
| Statistics | 2 | 0 | 0.0 |
| Zoology | 44 | 4 | 9.1 |
| Hindi Literature | 191 | 13 | 6.8% |
| Gujarati Literature | 85 | 3 | 3.5% |
| Malayalam Literature | 105 | 13 | 12.4% |
| Kannada Literature | 124 | 17 | 13.7% |
| Tamil Literature | 77 | 5 | 6.5% |
| Urdu Literature | 18 | 2 | 11.1% |
| Sanskrit Literature | 53 | 2 | 3.8% |
| English Literature | 31 | 3 | 9.7% |
वैकल्पिक विषय की तैयारी कैसे करें
यह काफी जटिल सवाल है, चलो इसे पुनः लिखते हैं: वैकल्पिक विषय की तैयारी कब शुरू करें, कहां से शुरू करें और शुरुआत कैसे करें या शुरू से अंत तक संपूर्ण विषय को कैसे कवर करें।
"वैकल्पिक की तैयारी कैसे करें" से भी ज्यादा जरूरी सवाल है कहां से शुरू करें और कब शुरू करें। क्या तैयारी के पहले दिन से ही हमें वैकल्पिक विषय की किताबें लाकर साथ में ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए? ये फैसला आपका होना चाहिए, मैं बस
वैकल्पिक विषय की तैयारी कब शुरू करनी चाहिए, प्रथम अध्ययन कैसे करें, गाइडेंस कहां से लें, नोट्स कब बनाएं, आंसर राइटिंग कब शुरू करें, क्या वैकल्पिक विषय को gs से पहले तैयार करें या बाद में, प्रीलिम्स से पहले कितना कवर हो जाना चाहिए, कैसे 300 तक मार्क्स लाएं
FAQ: Frequently Asked Questions
1. कौन-सा वैकल्पिक विषय सर्वाधिक स्कोरिंग है?
UPSC में कोई भी वैकल्पिक विषय स्वाभाविक रूप से “सर्वाधिक स्कोरिंग” नहीं होता। UPSC के वर्षवार प्रदर्शन डेटा से यह स्पष्ट होता है कि लगभग सभी वैकल्पिक विषयों में 300+ अंक लाने वाले अभ्यर्थी हर साल मौजूद रहते हैं। जो विषय अभ्यर्थी की पृष्ठभूमि, रुचि और उत्तर लेखन क्षमता से मेल खाता है, वही उसके लिए सर्वाधिक स्कोरिंग बनता है।
2. UPSC में आसान वैकल्पिक विषय कौन-से हैं?
राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध, समाजशास्त्र और लोक प्रशासन को आसान विषय माना जाता है क्योंकि सिलेबस सीमित और स्पष्ट है, GS के साथ अच्छा overlap है, उत्तरों में विश्लेषणात्मक स्वतंत्रता है।
हालांकि जो विषय एक अभ्यर्थी को आसान लगता है, वही दूसरे के लिए कठिन हो सकता है। कुछ हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को हिंदी साहित्य एवं इतिहास आसान लगता है वहीं विज्ञान बैकग्राउंड के अभ्यर्थियों को भूगोल आसान लगता है।
3. ग्रेजुएशन वाले विषय को वैकल्पिक विषय चुनने के क्या फायदे हैं?
अभ्यर्थी पहले से ही मूल अवधारणाओं, शब्दावली और सोच के ढांचे से परिचित होता है, जिससे विषय एवं सिलेबस समझने में कम समय लगता है, उस विषय में विश्लेषणात्मक गहराई पहले से होती है जो उत्तर लेखन में मदद करती है और आप बिल्कुल अपरिचित प्रश्न का भी उत्तर दे पाते हैं।
4. हिंदी साहित्य vs राजनीति विज्ञान – कौन-सा विषय चुनें?
हिंदी साहित्य और राजनीति विज्ञान दोनों ही समान रूप से प्रभावी वैकल्पिक विषय हैं, लेकिन उनकी प्रकृति अलग है। हिंदी साहित्य अभ्यर्थी की भाषा-कुशलता, मौलिक विश्लेषण और अभिव्यक्ति क्षमता पर निर्भर करता है, जबकि राजनीति विज्ञान अवधारणात्मक स्पष्टता, समसामयिक घटनाओं की समझ और GS-II के साथ तालमेल पर आधारित है। इसलिए चयन का आधार यह होना चाहिए कि अभ्यर्थी किस विषय में कम समय में गहराई विकसित कर सकता है और परीक्षा में निरंतर उच्च गुणवत्ता वाले उत्तर लिख सकता है।
5. इतिहास वैकल्पिक विषय में क्या खामियाँ हैं?
अत्यंत विस्तृत सिलेबस → प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक और विश्व इतिहास → तैयारी में समय अधिक लगता है। तथ्यात्मक बोझ भी → तारीखें, घटनाएँ और व्यक्तित्व याद रखना आवश्यक होता है अगर ये याद नहीं तो विश्लेषण का कोई महत्व नहीं।
अगर कोई वैकल्पिक विषय से जुड़ा स्पेसिफिक सवाल हो तो हमें aspirantsway1@gmail.com पर Email करें।