UPSC Cse mains essay paper decoded syllabus in hindi
UPSC द्वारा जारी किया गया संक्षिप्त पाठ्यक्रम
निबंध :-
- विविध विषयों पर निबंध
- निबन्ध के विषय पर ही केन्द्रित रहे
- विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करना
- संक्षेप में लिखना
- प्रभावी अभिव्यक्ति
- सटीक अभिव्यक्ति
उम्मीदवार को विविध विषयों पर निबंध लिखना होगा। उनसे अपेक्षा की जाएगी कि वे निबंध के विषय पर ही केन्द्रित रहे तथा अपने विचारों को सुनियोजित रूप से व्यक्त करें और संक्षेप में लिखें। प्रभावी और सटीक अभिव्यक्ति के लिए अंक प्रदान किए जाएंगे।
पाठ्यक्रम में बताई बातों का विस्तार:
विविध विषयों पर निबंध :-
विविध विषयों पर निबंध से तात्पर्य है कि UPSC निबंध हेतु किसी भी विषय क्षेत्र का निर्धारण नहीं करती है बल्कि समाज में प्रचलित किसी भी मुद्दे पर आ सकता है।
भले ही UPSC ने निबंध हेतु विषय क्षेत्र निर्धारित न किया हो लेकिन हम पिछले वर्षो के निबन्ध प्रश्नपत्रों से कुछ अनुमानित सीमाएं जरूर बना सकते हैं
अधिकतर निबंध समाज में चल रहे किसी विचार, तथ्य,मान्यता, परम्परा या किसी खास व्यवस्था से संबंधित होते हैं अधिकतर का संबंध दर्शनशास्र, समाजशास्त्र, राजनीति या जीवन के मनोवैज्ञानिक पक्षों से होता है ।
उदाहरण के लिए आप 2021 का निबंध प्रश्नपत्र देख सकते हैं।
- आत्म-संधान की प्रक्रिया अब तकनीकी रूप से वाह्य स्रोतों को सौंप दी गई है।
- आप की मेरे बारे में धारणा, आपकी सोच दर्शाती है; आपके प्रति मेरी प्रतिक्रिया, मेरा संस्कार है।
- इच्छारहित होने का दर्शन काल्पनिक आदर्श (युटोपिया) है, जबकि भौतिकता माया है।
- सत् ही यथार्थ है और यथार्थ ही सत् है।
- पालना झूलाने वाले हाथों में ही संसार की बागडोर होती है।
- शोध क्या है, ज्ञान के साथ एक अजनबी मुलाकात !
- इतिहास स्वयं को दोहराता है, पहली बार एक त्रासदी के रूप में, दूसरी बार एक प्रहसन के रूप में ।
- "सर्वोत्तम कार्यप्रणाली" से बेहतर कार्यप्रणालियाँ भी होती हैं।
खण्ड A और B में प्रत्येक से एक-एक चुनकर दो निबन्ध लिखिए जो प्रत्येक लगभग 1000-1200 शब्दों में हो । (125×2=250)
खंड A
खंड B
निबंध के विषय पर ही केन्द्रित रहना:
upsc ने इस बात पर जोर देकर कहा है कि वही बाते लिखे जिसके बारे में पूछा गया है । निबंध की मुख्य धारा पर आश्रित किसी बिंदु पर ही पूरा रामायण (निबंध) न लिख देवें ।
इस बात का भी ख्याल रहे की निबंध GS पेपर के उत्तर की तरह ही न लिख देवें, क्योंकि निबंध का उद्देश्य आपके द्वारा किसी बात को लिखित में आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता का परीक्षण करना है न कि सामान्य ज्ञान का।
विचारों को सुनियोजित रूप से वयक्त करना:
निबंध एक प्रकार से सामान्य विचार को दूसरों तक पहुंचाने की गद्य कला है, ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आपके द्वारा दिए जाने वाले विचार क्रमबद्ध व व्यवस्थित हो ताकि सामान्य व्यक्ति भी उन विचारों को अच्छे से ग्रहण कर सके।
यह ठीक वैसे ही क्रम में व्यवस्थित होने चाहिए जैसे हम मौखिक वार्तालाप में विचारों को साझा करते है ( उदाहरण के लिए शुरुआत में समझाना की 'विचार क्या है', फिर विचार की दिशा और प्रकृति बताना और फिर विचार को बताकर अंत में निष्कर्ष । )
संक्षेप में लिखना:
UPSC निबंध में बकवास बिल्कुल भी नहीं चाहता, जहां तक हो सके एक वाक्य में सम्मिलित की जा सकने वाली जानकारी को 2-3 वाक्यों में बिल्कुल न लिखे, क्योंकि upsc अंक जानकारी के आधार पर देता है पेज भरने के आधार पर नहीं।
प्रभावी अभिव्यक्ति
प्रभावी अभिव्यक्ति से तात्पर्य ऐसी लेखन शैली से है जहां पाठक लेखक के विचारों में पूरी तरह से घुल मिल जाएं और उस विषय पर चिंतन करने पर विवश हो जाए। इसके लिए आप अपने निबंध में किसी बड़े व्यक्ति के विचार, किसी घटना, चर्चित कहावत या तथ्यों का जिक्र कर सकते हैं।
सटीक अभिव्यक्ति:
निबंध हो या सामान्य अध्ययन के प्रश्न, हम कहीं भी तथ्य हवा में नहीं लटका सकते,और न ही अधमरी बात लिख सकते हैं, जो भी जानकारी लिखें वो औपचारिक और मानक स्रोत से ही होनी चाहिए । ध्यान रहे कि वही लिखे जिसकी जरूरत हो और उतना ही लिखे जितना आवश्यक हो।