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मुद्रा बाजार के साधन

किसी अर्थव्यवस्था में होने वाले धन के लेन देन के बाजार को उसका वित्तीय बाजार कहते हैं। इसके दो रूप है अल्पावधिक वित्तीय बाजार (मुद्रा बाजार) तथा दीर्घावधिक वित्तीय बाजार (पूंजी बाजार)।

पढ़ें : वित्त बाजार एवं इसके प्रकार ↗

मुद्रा बाजार वह भाग है जहाँ अल्पकालिक धन (1 वर्ष से कम की अवधि) का लेन-देन होता है। इसका उद्देश्य तरलता बनाए रखना और अल्पकालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। मुद्रा बाजार में लेनदेन विभिन्न साधनों या उपकरणों के माध्यम से होती है जो इस प्रकार है:

1. ट्रेजरी बिल (Treasury Bills)

सरकार द्वारा जारी अल्पकालिक ऋण उपकरण हैं। सरकार अपनी लघु अवधि की धन की आवश्यकता की पूर्ति हेतु जारी करती है।

  • वर्तमान में 91 दिन, 182 दिन, और 364 दिन की अवधि के ट्रेज़री बिल जारी किए जाते हैं।
  • छूट पर बेचे जाते हैं और परिपक्वता पर पूरा मूल्य मिलता है।
  • RBI द्वारा नीलामी के माध्यम से जारी होते हैं।
  • जोखिम मुक्त माने जाते हैं क्योंकि इन्हें सरकार जारी करती है।
  • ये बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को छोटी अवधि के निवेश के अवसर प्रदान करते हैं।
  • बैंक इसे अपने SLR स्तरों को विनियमित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

2. जमा प्रमाणपत्र (Certificate of Deposit)

बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले अव्यक्त ऋण (latent debt) प्रमाणपत्र।

  • बैंक इसे अपनी तत्कालिक धन की कमी की पूर्ति के लिए जारी करते हैं।
  • बैंक इसे अपने ग्राहकों को अधिसूचित अवधि के लिए जारी करते हैं।
  • अवधि: 7 दिन से 1 वर्ष (बैंक), 1 से 3 वर्ष (वित्तीय संस्थान)।
  • फिक्स्ड ब्याज दर पर जारी किए जाते हैं।
  • ये निगोशिएबल (Negotiable) एवं बाजार में ट्रेडेबल (tradable) भी है।
  • वर्ष 1993 में RBI ने अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों को भी इनके इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। लेकिन दीर्घावधिक, अर्थात ये संस्थान 1 से 3 वर्ष तक के जमा प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
  • भुगतान बैंक, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक और लघु वित्त बैंक — ये सभी जमा प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते। केवल वाणिज्यिक बैंक व कुछ विकास बैंक ही।

3. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper)

कॉरपोरेट्स द्वारा अल्पकालिक वित्त जुटाने के लिए जारी किया जाता है।

कंपनियों, निगमों (बैंक भी कंपनी) द्वारा ऋण के लिए ट्रेजरी बिल की तरह छूट पर जारी ट्रेडेबल अल्पकालिक/मुद्रा बाजार साधन, जिसमे एक वचनपत्र व निर्धारित परिपक्वता शामिल होती है। पर उसी के द्वारा जो स्टॉक में लिस्टेड हो और कार्यकारी पूंजी 5 करोड़ से कम ना हो, कंपनी सीधे या बैंकों के माध्यम से जारी करता है।

वैश्विक वित्तीय बाजार में वाणिज्यिक पत्र, आमतौर पर 270 दिनों से कम की निश्चित परिपक्वता वाला एक असुरक्षित वचन पत्र है। वे असुरक्षित हैं, हालांकि, वित्तीय बाजारों में, उन्हें नकद आरक्षित अनुपात बनाए रखने के लिए क्रेडिट के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग आम तौर पर पेरोल, देय खातों और इन्वेंट्री जैसी अल्पकालिक देनदारियों को वित्तपोषित करने के लिए किया जाता है।

  • प्रकार :
    • ड्राफ्ट - यह एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को लिखित मार्गदर्शन और किसी तीसरे पक्ष को एक निर्धारित राशि का भुगतान करना है।
    • चेक - यह एक अनोखा ड्राफ्ट है जहां अदाकर्ता एक बैंक है।
    • नोट - यहां, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या बैंक को एक विशेष राशि का भुगतान करने का वादा किया जाता है।
    • जमा प्रमाणपत्र - इस प्रकार में, बैंक जमा की प्राप्ति की पुष्टि करता है।
  • अवधि: 7 दिन से 1 वर्ष।
  • छूट पर जारी और परिपक्वता पर पूरा भुगतान।
  • RBI द्वारा मान्यता प्राप्त किसी साख श्रेणी एजेंसी से से साख प्रमाणपत्र/ क्रेडिट रेटिंग आवश्यक है।
  • SEBI ने 2019 में वाणिज्यिक पत्र को स्टॉक मार्केट में लिस्टेड होने की अनुमति दी।
  • इसका विनियमन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दायरे में आता है ।

4. वाणिज्यिक बिल (Commercial Bill)

व्यापारिक लेन-देन हेतु दस्तावेजी ऋण साधन।

  • फर्म की वाणिज्यिक लेनदेन के लिए फर्म के लिए बैंक द्वारा जारी एक गारंटी/ आश्वासन पत्र, 30/60/90 दिन के लिए जारी।
  • छोटी रकम का। ऋण साधन न होकर लेनदेन के लिए काम चलाऊ साधन है।
  • अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एआईएफआई), गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियां (एनबीएफसी), अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, मर्चेंट बैंक, सहकारी बैंक और म्यूचुअल फंड सभी CB जारी करते हैं
  • बैंक के पास डिस्काउंट करवाकर तुरंत नकद प्राप्त किया जा सकता है।
  • शामिल दस्तावेज :
    • वचन पत्र: व्यक्तिगत प्रतिबद्धता
    • विनिमय बिल: एक त्रिकोणीय समझौता
    • डॉक्यूमेंटरी क्रेडिट: अंतर्राष्ट्रीय ट्रांज़ैक्शन सुरक्षित करना।
  • छोटे व्यापारियों के लिए उपयोगी वित्तीय माध्यम।

5. कॉल मुद्रा बाजार (Call Money Market)

यह एक "अंतर-बैंक" (inter-bank) मुद्रा बाजार है, जिसका परिचालन RBI के राष्ट्रीयकरण के उपरांत उभरा।

इस बाजार में एक दिवसीय धन का लेन देन होता है। जिसे "एक रात का उधार" (Overnight Borrowing) या फिर "मनी एट कॉल" (Money at call) भी कहा जाता है।

  • इस बाजार में अधिकत्तम 14 दिनों तक भी उधार लिया जा सकता है जिसे शॉर्ट नोटिस भी कहते हैं।
  • इस बाजार में उधार प्रतिभूतियों के या बिना प्रतिभूतियों के भी लिया जा सकता है।
  • ब्याज दर अवधि बढ़ने से बढ़ती है।
  • जहां अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक एवं सहकारी बैंक इस बाजार में ऋण आवंटित करने के साथ साथ इससे ऋण लेते भी है, वहीं LIC, GIC, UTI, IDBI तथा NABARD इस बाजार में केवल ऋण आवंटनकर्ता के रूप में कार्य करते हैं।
  • इसमें ब्याज दर साधारणतः रेपो रेट पर आधारित लेकिन मांग एवं सप्लाई से भी दरों में उतार चढ़ाव।

6. मुद्रा बाजार म्यूचुअल फंड (Money Market Mutual Fund)

निवेशकों का पैसा अल्पकालिक मुद्रा बाजार उपकरणों में लगाया जाता है।

  • ये आम आदमी को जो शेयर मार्केट या प्रतिभूति बाजार का विशेषज्ञ नहीं है, निवेश का विकल्प देता है
  • RBI व SEBI दोनों का दोहरा नियमन।
  • उच्च तरलता और कम जोखिम।
  • निवेश: T-Bills, CP, CD आदि में होता है।

7. रेपो और प्रतिवर्ती रेपो (Repo and Reverse Repo)

RBI द्वारा नियंत्रित अल्पकालिक तरलता प्रबंधन उपकरण।

  • रेपो रेट: बैंक RBI से सरकारी प्रतिभूतियाँ गिरवी रखकर ऋण लेते हैं।
  • रिवर्स रेपो रेट: बैंक अधिशेष राशि RBI को जमा करते हैं और ब्याज पाते हैं।
  • ये भारतीय मुद्रा बाजार का सबसे गतिज संघटक है।
  • RBI द्वारा रेपो 1992 में तथा प्रतिवर्ती रेपो 1996 में लाया गया।
  • ब्याज दर अन्य संघटकों से अपेक्षाकृत कम। दरें RBI द्वारा मौद्रिक नीति के तहत घोषित (हां ये एक मौद्रिक नीति उपकरण भी है)

8. नकद प्रबंधन बिल (Cash Management Bills)

Cash Management Bills (CMBs) भारत सरकार द्वारा जारी की जाने वाली अत्यंत अल्पकालिक सरकारी प्रतिभूतियाँ हैं, जिन्हें अस्थायी नकद जरूरतों को पूरा करने के लिए जारी किया जाता है।

  • अवधि: 90 दिन से कम।
  • डिस्काउंट पर बेचे जाते हैं, रिडेम्पशन पर पूरा मूल्य मिलता है (जैसे ट्रेजरी बिल्स)
  • ट्रेजरी बिल्स के समान लेकिन अधिक लचीले।
  • RBI द्वारा नीलामी के जरिए जारी।
  • उदाहरण : सरकार को अचानक 10 दिन के लिए ₹10,000 करोड़ की ज़रूरत है, तो वह 10 दिन की अवधि के लिए CMB जारी कर सकती है।
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