मुद्रा प्रकार (Types of Money)
मुद्रा वह माध्यम है जिसके द्वारा वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान किया जाता है और जो मूल्य मापन, भुगतान एवं संचय के रूप में कार्य करता है।
मुद्रा के प्रकार
1. वैध मुद्रा (Legal Tender)
- यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मुद्रा होती है, जिसे कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के लेन-देन के लिए मना नहीं कर सकता।
- असीमित वैध मुद्रा (Unlimited Legal Tender)
- जैसे 100 के नोट।
- सीमित वैध मुद्रा (Limited Legal Tender)
- भारत में ₹1, ₹2, ₹5, ₹10 के सिक्के।
2. अवैध मुद्रा (Non-Legal Tender Money) या गैर-वैध मुद्रा
- इसे सरकार की मान्यता प्राप्त नहीं होती, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे विनिमय के लिए उपयोग किया जाता है।
- उदाहरण: निजी संस्थानों द्वारा जारी किए गए टोकन या डिजिटल गेम्स की मुद्रा।
3. फिएट मुद्रा (Fiat Currency)
- प्रादिष्ट मुद्रा, कागजी मुद्रा, अधिदिष्ट मुद्रा
- यह वह मुद्रा होती है जिसकी कोई आंतरिक (Intrinsic) मूल्य नहीं होता, बल्कि सरकार द्वारा इसे मूल्य प्रदान किया जाता है।
- यह किसी वस्तु (जैसे सोना या चांदी) द्वारा समर्थित नहीं होती।
- उदाहरण: भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर, यूरो।
4. वस्तु मुद्रा (Commodity Money)
- इस प्रकार की मुद्रा का अपना आंतरिक मूल्य होता है और इसे सीधे उपभोग किया जा सकता है।
- पुराने समय में अनाज, सोना, चांदी, तांबे के सिक्के आदि वस्तु मुद्रा के रूप में उपयोग किए जाते थे।
5. प्रतिनिधि मुद्रा (Representative Money)
- यह वह मुद्रा होती है जो किसी मूल्यवान वस्तु (जैसे सोना या चांदी) का प्रतिनिधित्व करती है।
- पुराने समय में सोने-चांदी के प्रमाणपत्र इस श्रेणी में आते थे।
6. डिजिटल मुद्रा (Digital Currency)
- यह इलेक्ट्रॉनिक रूप में मौजूद मुद्रा होती है और इसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेन-देन के लिए उपयोग किया जाता है।
- उदाहरण: मोबाइल वॉलेट में रखा गया पैसा, बैंक खाते में डिजिटल रूप में रखा गया पैसा।
7. बैंक मुद्रा (Bank Money)
- यह वह मुद्रा होती है जो बैंक खातों में डिजिटल रूप में संग्रहीत होती है और जिसे चेक, डेबिट कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है।
- यह नकद (Cash) के बजाय बैंक हस्तांतरण के रूप में उपयोग की जाती है।
8. क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)
- यह एक विकेंद्रीकृत (Decentralized) डिजिटल मुद्रा होती है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है।
- इसे सरकार नियंत्रित नहीं करती।
9. स्थानीय मुद्रा (Local Currency)
- यह विशेष रूप से किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय में ही मान्य मुद्रा होती है।
- उदाहरण: स्विट्ज़रलैंड में WIR मुद्रा।
10. वैकल्पिक मुद्रा (Alternative Currency)
- यह पारंपरिक मुद्रा के विकल्प के रूप में काम करती है।
- उदाहरण: बार्टर सिस्टम (वस्तुओं की अदला बदली), समय बैंकिंग (सेवा आधारित विनिमय)।
11. आभासी मुद्रा (Virtual Currency)
- यह एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा होती है जो किसी विशेष नेटवर्क या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपयोग की जाती है।
- उदाहरण: ऑनलाइन गेमिंग में उपयोग की जाने वाली मुद्रा।
12. निष्क्रिय मुद्रा (Inactive Money)
- जो मुद्रा बैंक खातों में जमा रहती है और प्रत्यक्ष रूप से चलन में नहीं होती।
- उदाहरण: सावधि जमा (Fixed Deposits), बचत खाते में रखा धन।
13. निकट मुद्रा (Near Money)
- जिन्हें आसानी से मुद्रा में परिवर्तित किया जा सके।
- उदाहरण: बॉन्ड, सोना, डाकघर के बचत पत्र आदि।
मुद्रा आपूर्ति के टर्म में मुद्रा के प्रकार
14. संकीर्ण मुद्रा (Narrow Money)
- नकद इत्यादि मुद्रा के प्रत्यक्ष पक्ष जिन्हें तात्कालिक रूप से इस्तेमाल किया जा सके।
- बैंकों की शब्दावली में, M1 को संकीर्ण धन कहा जाता है क्योंकि यह अत्यधिक तरल होता है और बैंक इस धन के सहारे कर्ज बांटने का काम कर सकते हैं।
15. विस्तृत मुद्रा (Broad Money)
- ऐसा धन जिसे तत्कालीन रूप से उपयोग में लाना मुश्किल हो।
- बैंक की शब्दावली में M3 में शामिल धन को विस्तृत धन (ब्रॉड मनी) कहा जाता है।
- इस धन के साथ (यह धन बैंक के पास ज्ञात समय के लिए होता है) बैंक कर्ज बांटने का अपना प्रोग्राम चलाते हैं।
वैदेशिक क्षेत्र में मुद्रा की शब्दावली
16. कड़ी मुद्रा (Hard Currency)
- विश्व की वे मुद्राएं, जिनकी आवश्यकता सभी देशों को होती है, कड़ी मुद्रा कहलाती हैं।
- उन देशों, जिनका न सिर्फ निर्यात उच्च हो बल्कि विविधिकृत हो तथा साथ ही उनके निर्यात विश्व के दूसरे देशों के लिए अनिवार्य आयात (compulsory import) हों, की मुद्रा एक कड़ी मुद्रा होने की सारी शर्ते पूरी करती हैं।
17. मुलायम मुद्रा (Soft Currency)
- वह मुद्रा जो किसी देश के विदेशी विनिमय बाजार में आसानी से उपलब्ध हो, मुलायम मुद्रा है।
- अगर भारत के विदेशी विनिमय बाजार में रुपये का मूल्य गिर रहा हो तब इसे ऐसा कहना उचित रहता है।
18. उष्ण मुद्रा (Hot Currency)
- किसी भी कारण से अगर किसी देश की अर्थव्यवस्था से कड़ी मुद्रा का बाह्य पलायन (Outflow) हो रहा हो तो उस समय वह कड़ी मुद्रा उष्ण मुद्रा कही जाती है।
19. ऊष्मित मुद्रा (Heated Currency)
- जब किसी कारण से किसी अर्थव्यवस्था से कड़ी मुद्राओं का तेज पलायन (Exit) होने लगे तो घरेलू मुद्रा में तेज मूल्यह्रास (Depreciation) होता है, इस स्थिति में वह घरेलू मुद्रा उष्मित मुद्रा कहलाता है। (Currency Under Heating)
20. सस्ती मुद्रा (Cheap Currency)
- जब सरकार द्वारा अपने बॉण्ड को उनकी परिपक्वता (Maturity) अवधि के पूर्व वापस खरीद की जाए (परिपक्वता मूल्य परं) तो इस प्रक्रि या से अर्थव्यवस्था में जो धन प्रवाहित होता है उसे 'सस्ती मुद्रा' कहते हैं।
- इसका तात्पर्य यह प्रदर्शित करना है कि उस समय धन जुटौना सरकार के लिए सस्ता बना हुआ है।
- बैंकिंग में सस्ती ब्याज दरों की अवधि को सूचित करती है।
21. महंगी मुद्रा (Dear Currency)
- जब सरकार बॉण्ड जारी करती है तो जिस मुद्रा का प्रवाह सरकार के कोष में होता है उसे 'महंगी मुद्रा' कहते हैं।
- बैंकिंग व्यवसाय में इस शब्दावली का अर्थ अपेक्षाकृत बढ़ी हुए ब्याज दरों की अवधि दर्शाता है।